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हार कर वो घर आया[He came home after giving up]


हार कर वो घर आया, जो सुबह सपने ले उड़ा था,दिन को जलकर भी शाम को फिर वहीं खड़ा है,दर्द से आहत भी, ग़म भी है, और ज़िंदा भी है,कुछ … Continue reading हार कर वो घर आया[He came home after giving up]

मैं आज भी उन्ही कहानियों में हुँ


मैं उन्ही कहानियों में आज भी हुँ जिन में ज़िंदगी को पहली बार देखा था। वो छोटे-छोटे क़दमों से नंगे आसमान में खाली पाँव भागने की जिद्द करता और सहसा … Continue reading मैं आज भी उन्ही कहानियों में हुँ

[Hindi] इश्क़ करें जो ज़ाहिर हो


वो समय समेटे सपनों से, जो एक हक़ीक़त बन जाती है,सपनों की अरथी ख़ुद लपटों में, तब जलने को हो जाती है।कोई चाँद नहीं ना तारे हो, न नाम इश्क़ … Continue reading [Hindi] इश्क़ करें जो ज़ाहिर हो